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Gyan shlok in hindi ज्ञान पर संस्कृत श्लोक part4 2

Gyan shlok in hindi ज्ञान पर संस्कृत श्लोक part4

Gyan shlok in hindi ज्ञान पर संस्कृत श्लोक part4 यत्ते अग्ने तेजस्तेनाहं तेजस्वी भूयासम् । यत्ते अग्ने वर्चस्तेनाहं वर्चस्वी भूयासम् । यत्ते अग्ने हरस्तेनाहं हरस्वी भूयासम् । हे अग्नि ! तुम्हारे तेज से मुज़े...

गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part 4 sanskritshlok 0

गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part 4

गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part 4 top sanskrit shlok त्यागाय समृतार्थानां सत्याय मिभाषिणाम् । यशसे विजिगीषूणां प्रजायै गृहमेधिनाम् ॥ सत्पात्र को दान देने के लिए धन इकट्ठा करनेवाले, यश के लिए विजय...

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गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में

गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में: प्रीणाति य सुचरितैः पितरं स पुत्रो यद्भर्तुरेव हितमिच्छति तत्कलत्रम् । तन्मित्रमापदि सुखे च समक्रियं यत् एतत् त्रयं जगति पुण्यकृतो लभन्ते ॥ पिता को अपने सद्वर्तन से खुश करनेवाला...

दया पर संस्कृत श्लोक हिंदी में 4

दुष्ट पर संस्कृत श्लोक हिंदी में

दुष्ट पर संस्कृत श्लोक हिंदी में :- यथा परोपकारेषु नित्यं जागर्ति सज्जनः । तथा परापकारेषु जागर्ति सततं खलः ॥ जैसे सज्जन परोपकार करने में नित्य जाग्रत होता है, वैसे दुर्जन अपकार करने में हमेशा...

दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part4 2

दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part4

दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part4 : दुर्जनो नार्जवं याति सेव्यमानोऽपि नित्यशः । स्वेदनाभ्य़ंजनोपायैः श्र्वपुच्छमिव नामितम् ॥ जैसे कुत्ते की पूंछ स्वेदन, अंजन इत्यादि उपाय से सरल नहीं बनती, वैसे दुष्ट मानव हंमेशा...

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दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part3 Top Sanskrit Shlok

दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part3 Top Sanskrit Shlok मृगमीनसज्जनानां तृणजलसंतोषवृत्तीनाम् । लुब्धकधीवरपिशुनाः निष्कारणमेव वैरिणो जगति ॥ घास, पानी ओर संतोष से जीनेवाले हिरण, मछलियाँ सज्जन के अनुक्रम से पारधी, मच्छीमार ओर दुष्ट...

दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part2 Top Sanskrit Shlok 0

दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part2 Top Sanskrit Shlok

दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part2 Top Sanskrit Shlok वर्जनीयो मतिअमता दुर्जनः सख्यवैरयोः । श्र्वा भवत्यपकाराय लिहन्नपि दशन्नपि ॥ मतिमान मनवको दुष्टके साथ मैत्री या बेर नहीं करना चाहिए । कुत्ता चाटता है...

दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Top Sanskrit Shlok 0

दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Top Sanskrit Shlok

बोधितोऽपि बहु सूक्तिविस्तरैः किं खलो जगति सज्जनो भवेत् । स्नापितोऽपि बहुशो नदीजलैः गर्दभः किमु हयो भवेत् कचित् ॥ अच्छे वचनों के उपदेश देने से क्या इस दुनिया में दुष्ट मानव सज्जन हो जायेंगे ?...

क्षान्ति तुल्यं तपो नास्ति Top Sanskrit shlok ever 3

क्षान्ति तुल्यं तपो नास्ति Top Sanskrit shlok ever

क्षान्ति तुल्यं तपो नास्ति सन्तोषान्न सुखं परम् । नास्ति तृष्णा समो व्याधिः न च धर्मो दयापरः ॥ क्षमा जैसा अन्य तप नहि, संतोष जैसा अन्य सुख नहि, तृष्णा जैसा अन्य रोग नहि, दया जैसा...