दया पर संस्कृत श्लोक हिंदी में
संसार में मनुष्यत्व, मनुष्यत्व में खानदानी, खानदानी में धर्मिष्टत्व, और धर्मिष्टत्व में सदयत्व सार (रुप) है । देव और गुरुपूजा, तप, सर्वइंद्रियदमन, दान और शास्त्राध्ययन – ये सब क्रिया दया के बगैर वैसे हैं, जैसी कि सेनापति बगैर का सैन्य । हे भारत ! सब वेद,…
चरित्र पर संस्कृत श्लोक हिंदी में
Sanskrit Shlok भक्तामर स्तोत्र Sanskrit Shlok With Hindi The Timeless Beauty of Sanskrit: History, Significance, and Influence How to Meditate: A Comprehensive Guide for Beginners and Beyond
बुद्धिमान पर संस्कृत श्लोक हिंदी में
बुद्धिमान पर संस्कृत श्लोक हिंदी में बुद्धिमान पर संस्कृत श्लोक हिंदी में क्षान्ति तुल्यं तपो नास्ति Top Sanskrit shlok…
बुद्धिमान पर संस्कृत श्लोक हिंदी में
बुद्धिमान पर संस्कृत श्लोक हिंदी में गन्धः सुवर्णे फलमिक्षुदण्डे नाकारि पुष्पं खलु चन्दनेषु । विद्वान् धनाढ्यो न तु दीर्घजीवी धातुः पुरा कोऽपि न बुद्धिदोऽभूत ॥ सोने में सुगंध, गन्ने को फल और चन्दन वृक्ष को फूल होते नहीं है । वैसे ही, विद्वान कभी धनवान और…
दान पर संस्कृत श्लोक-Sanskrit Shlok in Hindi on daan
Sanskrit Shlok in Hindi on daan Sanskrit Shlok in Hindi on daan दान करने से (हर प्रकार की समृद्धि जैसे..) गाय का दूध, बाग के फूल, विद्या, कूए का पानी और धन (इत्यादि) नित्य बढते रहते हैं, पर अदान से ये सब नष्ट होते हैं । Sanskrit Shlok in Hindi on daan हे…
दान पर संस्कृत श्लोक Part4
Sanskrit Shlok in Hindi on daan रक्षन्ति कृपणाः पाणौ द्रव्यं प्राणमिवात्मनः । तदेव सन्तः सततमुत्सृजन्ति यथा मलम् ॥ कृपण (लोभी) प्राण की तरह द्रव्य का अपने हाथ में रक्षण करता है, पर संत पुरुष उसी द्रव्य को मल की तरह त्याग देते है । दाता नीचोऽपि सेव्यः…
दान पर संस्कृत श्लोक in Hindi Part3
दान पर संस्कृत श्लोक in Hindi Part3 मैं ने अनेक प्रकार के दान और विविध रत्न दिये, पर एक भी मधुर वाक्य नहि दिया, इस लिए मेरा मुख सूअर का है Read more below………. चारित्रं चिनुते तनोति विनयं ज्ञानं नयत्युन्नतिं पुष्णाति प्रशमं तपः…
दान पर संस्कृत श्लोक Part 2 Sanskrit Shlok in Hindi on daan
दान पर संस्कृत श्लोक Part 2 Sanskrit Shlok in Hindi on daan पिपीलिकार्जितं धान्यं मक्षिकासंचितं मधु । लुब्धेनोपार्जितं द्रव्यं समूलं च विनश्यति ॥ चींटी ने इकट्ठा किया हुआ धान्य, मधुमक्खी ने इकट्ठा किया हुआ मधु, लोभी ने इकट्ठा किया हुआ धन, इन सभी का मूल…
दान पर संस्कृत श्लोक अर्थ सहित Sanskrit Shlokas With Hindi Meaning
Sanskrit Shlokas With Hindi Meaning दान पर संस्कृत श्लोक दाता प्रतिगृहीता च शुद्धि र्देयं च धर्मयुक् । देशकालौ च दानानाम ङ्गन्येतानि षड् विदुः ॥ दाता, लेनेवाला, पावित्र्य, देय वस्तु, देश, और काल – ये छे दान के अंग हैं । दाता प्रतिगृहीता च शुद्धि र्देयं च…
Sanskrit Shlok in hindi Short:
रोज उठकर यह जान लेना चाहिए sanskrit shlok in hindi यौवनं जीवितं चित्तं छाया लक्ष्मीश्च स्वामिता ।चञ्चलानि षडेतानि ज्ञात्वा धर्मरतो भवेत् ॥ यौवन, जीवन, चित्त, छाया, लक्ष्मी और सत्ता – ये छे चंचल है, ऐसा समजकर धर्मरत रहेना चाहिए । अस्थिरं जीवितं लोके…
Sanskrit Shlok on Age
Sanskrit shlok on age: Hindi Meaning वृद्धश्रोतव्यं खलु वृध्दानामिति शास्त्रनिदर्शनम् । वृद्धों की बात सुननी चाहिए एसा शास्त्रों का कथन है । वृद्धवृध्दा न ते ये न वदन्ति धर्मम् । जो धर्म की बात नहीं करते वे वृद्ध नहीं हैं । वृद्धन तेनवृध्दो भवति येनाऽस्य…
Sanskrit Shlok on life
Sanskrit Shlok on life हे लक्ष्मण ! यह स्वर्णपुरी लंका मुझे अच्छी नहीं लगती । माँ और मातृभूमि स्वर्ग से भी बडे होते है । यस्मिन् देशे न सन्मानो न प्रीति र्न च बान्धवाः ।न च विद्यागमः कश्चित् न तत्र दिवसं वसेत् ॥ जिस देश में सन्मान नहीं, प्रीति नहीं,…
भक्ति पर संस्कृत श्लोक हिन्दी में
भक्ति पर संस्कृत श्लोक हिन्दी में श्रवणं कीर्तनं विष्णोः स्मरणं पादसेवनम् ।अर्चनं वन्दनं दास्यं सख्यमात्मनिवेदनम् ॥ श्रवण (उ.दा. परीक्षित), कीर्तन (शुकदेव), स्मरण (प्रह्लाद), पादसेवन (लक्ष्मी), अर्चन (पृथुराजा), वंदन (अक्रूर), दास्य (हनुमान), सख्य…
एकता पर संस्कृत श्लोक हिंदी में
एकता पर संस्कृत श्लोक हिंदी में: बहवो न विरोध्दव्याः दुर्जयास्तेऽपि दुर्बलाः । स्फुरन्तमपि नागेन्द्रं भक्षयन्ति पिपीलिकाः ॥ अनेक लोगों का विरोध नहि करना चाहिए । वे दुर्बल हो तो भी दुर्जय बनते हैं । फडकते हुए सांप को भी चींटीयाँ खा जाती है । असहायः…
अभय पर संस्कृत श्लोक हिन्दी में
अभय पर संस्कृत श्लोक अर्थ सहित | Sanskrit Shlok on Abhaya with Meaning & PDF जीवन में निर्भीकता, परोपकार और जीवों की रक्षा का सनातन संस्कृति में सर्वोच्च स्थान है। जब कोई व्यक्ति किसी डरे हुए या संकट में फंसे प्राणी को अभयदान (सुरक्षा और जीवनदान)…
विद्या पर संस्कृत श्लोक With Hindi and English Meanings
विद्या पर संस्कृत श्लोक (Sanskrit Shlok on Vidya with Meaning) भारतीय संस्कृति और प्राचीन वेदों में विद्या (शिक्षा) को मनुष्य का सबसे बड़ा धन और तीसरा नेत्र माना गया है। आचार्य चाणक्य से लेकर नीतिशास्त्र तक, हर जगह विद्या के महत्व और इसके चमत्कारी…
धर्म पर संस्कृत श्लोक हिन्दी में
धर्म पर संस्कृत श्लोक हिन्दी में तर्कविहीनो वैद्यः लक्षण हीनश्च पण्डितो लोके ।भावविहीनो धर्मो नूनं हस्यन्ते त्रीण्यपि ॥ तर्कविहीन वैद्य, लक्षणविहीन पंडित, और भावरहित धर्म – ये अवश्य हि जगत में हाँसीपात्र बनते हैं । अस्थिरं जीवितं लोके ह्यस्थिरे…
तपस्या पर संस्कृत श्लोक हिन्दी में
तपस्या पर संस्कृत श्लोक हिन्दी में: मनःप्रसादः सौम्यत्वं मौनमात्मविनिग्रहः ।भावसंशुद्धिरित्येतत्तपो मानसमुच्यते ॥ मन की प्रसन्नता, सौम्यभाव, मौन, आत्मचिंतन, मनोनिग्रह, भावों की शुद्धि – यह मन का तप कहलाता है । अनुद्वेगकरं वाक्यं मुद्रण…
सफलता के लिए संस्कृत श्लोक: 25+ Sanskrit Shlokas for Success
जीवन में सफलता केवल इच्छा करने से नहीं मिलती। लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प, निरंतर प्रयास, सही समय पर सही निर्णय, धैर्य और अपने कर्म के प्रति ईमानदारी सफलता की राह को मजबूत बनाते हैं। भारतीय संस्कृत साहित्य में ऐसे अनेक श्लोक मिलते हैं जो मेहनत, कर्म,…