Sanskrit Shlok On Gyan in hindi
Gyan shlok top sanskrit shlok संसारसागर में जन्म का, बूढापे का, और मृत्यु का दुःख बार आता है, इस लिए (हे मानव !), “जाग, जाग जैसे अग्नि में घी डालने से वह अधिक प्रज्वलित होती है, वैसे भोग भोगने से कामना शांत नहीं होती, उल्टे प्रज्वलित होती है । बडी…
ज्ञान पर संस्कृत श्लोक part4
Gyan shlok in hindi ज्ञान पर संस्कृत श्लोक part4 हे अग्नि ! तुम्हारे तेज से मुज़े तेजस्वी बनने दो । तुम्हारे विजयी तेज से मुजे वर्चस्वी बनने दो । सब कचरा जलानेवाले तुम्हारे तेज से मुजे कचरा जलानेवाला बनने दो । जब प्यास के कारण गला सुख जाता है, तब मनुष्य…
ज्ञान पर संस्कृत श्लोक part3
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ज्ञान पर संस्कृत श्लोक
Gyan shlok in hindi ज्ञान पर संस्कृत श्लोक इहलोके सुखं हित्वा ये तपस्यन्ति दुर्धियः । हित्वा हस्तगतं ग्रासं ते लिहन्ति पदाङ्गुलिम् ॥ इहलोक के (पृथ्वी के) सुखों का त्याग करके जो मूढ लोग तप करते हैं, वे हाथ में आया हुआ निवाला छोडकर, मानो पैर की उँगलीयाँ…
ज्ञान पर संस्कृत श्लोक Gyan shlok in hindi
ज्ञान पर संस्कृत श्लोक Gyan shlok in hindi अल्पाक्षरमसंदिग्धं सारवद्विश्वतो मुखम् । अस्तोभमनवद्यं च सूत्रं सूत्रविदो विदुः ॥ अल्पाक्षरता, असंदिग्धता, साररुप, सामान्य सिद्धांत, निरर्थक शब्द का अभाव, और दोषरहितत्व – ये छे ‘सूत्र’ के लक्षण कहे…
गुरु पर संस्कृत श्लोक हिंदी में part2
गुरु श्लोक Top sanskrit shlok on guru in hindi: गुरु श्लोक Top sanskrit shlok on guru in hindi best slokas ever
गुरु पर संस्कृत श्लोक हिंदी में part2
गुरु पर संस्कृत श्लोक हिंदी में part2: पूर्णे तटाके तृषितः सदैव भूतेऽपि गेहे क्षुधितः स मूढः । कल्पद्रुमे सत्यपि वै दरिद्रः गुर्वादियोगेऽपि हि यः प्रमादी ॥ जो इन्सान गुरु मिलने के बावजुद प्रमादी रहे, वह मूर्ख पानी से भरे हुए सरोवर के पास होते हुए भी…
गुरु पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Top Guru Shlok in hindi
गुरु पर संस्कृत श्लोक हिंदी में गुरु पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Top Guru Shlok in hindi
गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part 5
गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में : ऐसा गृहस्थाश्रम धन्य है गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part…
गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part 4
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गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part 3
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गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part 2 Sanskrit shlok
गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part 2 Sanskrit shlok गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Top slokas Sanskrit slokas about grihastha: 2 Please Follow us on facebook and twitter भक्तामर स्तोत्र Sanskrit Shlok With…
गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में
गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में: गृहस्थी पर संस्कृत श्लोक हिंदी में: See also: वास्तविक वृद्ध कौन है? How to Meditate: A Comprehensive Guide for Beginners and…
दुष्ट पर संस्कृत श्लोक हिंदी में
दुष्ट पर संस्कृत श्लोक हिंदी में :- यथा परोपकारेषु नित्यं जागर्ति सज्जनः । तथा परापकारेषु जागर्ति सततं खलः ॥ जैसे सज्जन परोपकार करने में नित्य जाग्रत होता है, वैसे दुर्जन अपकार करने में हमेशा जाग्रत होता है । तक्षकस्य विषं दन्ते मक्षिकायाश्र्च मस्तके ।…
दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part4
दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part4 : दुर्जनो नार्जवं याति सेव्यमानोऽपि नित्यशः । स्वेदनाभ्य़ंजनोपायैः श्र्वपुच्छमिव नामितम् ॥ जैसे कुत्ते की पूंछ स्वेदन, अंजन इत्यादि उपाय से सरल नहीं बनती, वैसे दुष्ट मानव हंमेशा सेवा करने के बावजुद सरल नहीं बनता ।…
दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part3 Top Sanskrit Shlok
दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part3 Top Sanskrit Shlok मृगमीनसज्जनानां तृणजलसंतोषवृत्तीनाम् । लुब्धकधीवरपिशुनाः निष्कारणमेव वैरिणो जगति ॥ घास, पानी ओर संतोष से जीनेवाले हिरण, मछलियाँ सज्जन के अनुक्रम से पारधी, मच्छीमार ओर दुष्ट निष्कारण बैरी होते हैं…
दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part2 Top Sanskrit Shlok
दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Part2 Top Sanskrit Shlok वर्जनीयो मतिअमता दुर्जनः सख्यवैरयोः । श्र्वा भवत्यपकाराय लिहन्नपि दशन्नपि ॥ मतिमान मनवको दुष्टके साथ मैत्री या बेर नहीं करना चाहिए । कुत्ता चाटता है तो भी और काटता है तो भी नुकसान हि करता है ।…
दुर्जन पर संस्कृत श्लोक हिंदी में Top Sanskrit Shlok
बोधितोऽपि बहु सूक्तिविस्तरैः किं खलो जगति सज्जनो भवेत् । स्नापितोऽपि बहुशो नदीजलैः गर्दभः किमु हयो भवेत् कचित् ॥ अच्छे वचनों के उपदेश देने से क्या इस दुनिया में दुष्ट मानव सज्जन हो जायेंगे ? नदी के पानी से बार स्नान कराने के बावजुद क्या गधा कभी घोडा बन…
SANSKRIT SHLOK ON PEACE
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