Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/
sanskrit shlok SanskritShlok

Sanskrit Shlokas with Hindi Meaning

sanskrit shlok SanskritShlok

Sanskrit Shlokas with Hindi Meaning

  • श्लोक संग्रह (List)
    • विद्या श्लोक
    • अभय श्लोक
    • एकता श्लोक
    • कर्म श्लोक
    • गीता के श्लोक
    • गुरु श्लोक
    • गृहस्थी श्लोक
    • चरित्र श्लोक
    • जीवन पर संस्कृत श्लोक
    • ज्ञान श्लोक
    • दया श्लोक
    • दान श्लोक
    • दुर्जन श्लोक
    • धर्म श्लोक
    • बुद्धिमान श्लोक
    • ब्रह्मचर्य श्लोक
    • भक्ति श्लोक
    • भगवान श्लोक
    • मनाचे श्लोक
    • महाभारत श्लोक
    • योग श्लोक
    • रामायण श्लोक
  • स्तोत्र & मंत्र
  • धर्म
  • अर्थ पुरुषार्थ (Finance)
  • Hindu Festivals
  • Vedic astrology (ज्‍योतिष)
  • रामचरितमानस PDF
  • Sanskrit Dictionary
  • Health And Wellness
  • आयुर्वेद
  • Diwali 2026
  • About Us
    • Privacy Policy
    • Disclaimer
    • Contact Us:
  • श्लोक संग्रह (List)
    • विद्या श्लोक
    • अभय श्लोक
    • एकता श्लोक
    • कर्म श्लोक
    • गीता के श्लोक
    • गुरु श्लोक
    • गृहस्थी श्लोक
    • चरित्र श्लोक
    • जीवन पर संस्कृत श्लोक
    • ज्ञान श्लोक
    • दया श्लोक
    • दान श्लोक
    • दुर्जन श्लोक
    • धर्म श्लोक
    • बुद्धिमान श्लोक
    • ब्रह्मचर्य श्लोक
    • भक्ति श्लोक
    • भगवान श्लोक
    • मनाचे श्लोक
    • महाभारत श्लोक
    • योग श्लोक
    • रामायण श्लोक
  • स्तोत्र & मंत्र
  • धर्म
  • अर्थ पुरुषार्थ (Finance)
  • Hindu Festivals
  • Vedic astrology (ज्‍योतिष)
  • रामचरितमानस PDF
  • Sanskrit Dictionary
  • Health And Wellness
  • आयुर्वेद
  • Diwali 2026
  • About Us
    • Privacy Policy
    • Disclaimer
    • Contact Us:
Subscribe
Close

Search

चरित्र पर संस्कृत श्लोक हिंदी में 2 sanskrit shlok
चरित्र श्लोक

चरित्र पर संस्कृत श्लोक हिंदी में

By SanskritShlok.com
18/09/2026 2 Min Read
0

Sanskrit Shlok

  • अहल्या द्रौपदी सीता तारा मन्दोदरी तथा ।
  • पञ्चकं ना स्मरेन्नित्यं महापातकनाशनम् ॥
  • अहल्या, द्रौपदी, सीता, तारा, और मंदोदरी, इन पाँचों के नित्य स्मरण से (गुण और जीवन स्मरण से) महापातक का नाश होता है ।
  • पुण्यश्लोको नलो राजा पुण्यश्लोको युधिष्ठिरः ।
  • पुण्यश्लोको विदेहश्च पुण्यश्लोको जनार्दनः ॥
  • नल राजा, युधिष्ठिर, विदेही जनक, और जनार्दन – ये पुण्यरुप हैं ।
  • लक्ष्मणो लघुसन्धानः दूरपाती च राघवः ।
  • कर्णो दृढप्रहारी च पार्थस्यैते त्रयो गुणाः ॥
  • लक्ष्मण छोटी वस्तु का वेध करने में काबेल थे; दूर का वध करने में राम निपुण थे; और कर्ण दृढ प्रहार करने में कुशल थे; (पर) पार्थ (अर्जुन) तो इन तीनों गुणों में माहेर था ।
  • नीतितत्त्व प्रवक्तारः त्रयः सन्ति धरातले ।
  • शुक्रश्च विदुरश्चायं चाणक्यस्तु तृतीयकः ॥
  • इस धरा तल पर नीतितत्त्व प्रवर्तन करनेवाले तीन महात्मा हो गये – शुक्र, विदूर और चाणक्य ।
  • विजेतव्या लंका चरण-तरणीयो जलनिधिः ।
  • विपक्षः पौलस्त्यो रण-भुवि सहायाश्च कपयः
  • तथाप्येको रामः सकल-मवधीद्राक्षसकुलम् ।
  • क्रियासिद्धिः सत्त्वे भवति महतां नोपकरणे ॥
  • लंका जीतनी थी, पैर से चलकर सागर पार करना था, पुलस्त्य ऋषि के पुत्र (रावण) से शत्रुता थी, रणांगण में (केवल) वानर लोग मदत करनेवाले थे; फिर भी अकेले रामचंद्रजी ने राक्षसों का सारा कुल खत्म कर दिया । महान लोगों को काम में सिद्धि सत्त्व से (आत्मबल से) मिलती है, न कि साधनों से ।
  • संगः सर्वात्मना हेयः स चेत् त्यक्तुं न शक्यते ।
  • स सद्भिःसह कर्तव्यः साधुसंगो हि भेषजम् ॥
  • संग/आसक्ति सर्वथा त्याज्य है; पर यदि ऐसा शक्य न हो तो सज्जनों का संग करना । साधु पुरुषों का सहवास जडीबुटी है (हितकारक है) ।
  • महानुभावसंसर्गः कस्य नोन्नतिकारकः ।
  • रथ्याम्बु जाह्नवीसंगात् त्रिदशैरपि वन्द्यते ॥
  • सत्पुरुष का सान्निध्य किसको उपकारक नहीं होता ? गंगा के साथ बेहने पर, गटर का पानी देवों द्वारा भी पूजा जाता है ।
  • वज्रादपि कठोराणि मृदुनि कुसुमादपि ।
  • लोकोत्तराणां चेतांसि को हि विक्षातुमर्हति ॥
  • (बाहर से) वज्र जैसे कठोर महापुरुषों का अंतःकरण पुष्प जैसा कोमल होता है । ऐसे लोकोत्तर अंतःकरण को कौन समज सकता है ?
  • अचतुर्वदनो ब्रह्मा द्विबाहुरपरो हरिः ।
  • अभाललोचनः शम्भुर्भगवान् बादरायणः ॥
  • उनके चार मुख नहीं, फिर भी जो ब्रह्मा है; दो बाहु है, फिर भी हरि (विष्णु) है; मस्तिष्क पर तीसरा नेत्र नहीं, फिर भी शम्भु है; ऐसे भगवान श्री बादरायण (व्यास मुनि) है ।

भक्तामर स्तोत्र Sanskrit Shlok With Hindi

The Timeless Beauty of Sanskrit: History, Significance, and Influence

How to Meditate: A Comprehensive Guide for Beginners and Beyond

Author

SanskritShlok.com

Top Sanskrit shlok website.

Follow Me
Other Articles
sanskrit shlok on character in hindi चरित्र पर संस्कृत श्लोक हिंदी में
Previous

चरित्र पर संस्कृत श्लोक हिंदी में

दया पर संस्कृत श्लोक हिंदी में sanskrit shlok
Next

दया पर संस्कृत श्लोक हिंदी में

Menu

  • Diwali 2026
  • Health And Wellness
  • Hindu Festivals
  • अभय श्लोक
  • अर्थ पुरुषार्थ (Finance)
  • आयुर्वेद
  • एकता श्लोक
  • कर्म श्लोक
  • गीता के श्लोक
  • गुरु श्लोक
  • गृहस्थी श्लोक
  • चरित्र श्लोक
  • जीवन पर संस्कृत श्लोक
  • ज्ञान श्लोक
  • ज्‍योतिष (Vedic Astrology)
  • दया श्लोक
  • दान श्लोक
  • दुर्जन श्लोक
  • धर्म
  • धर्म श्लोक
  • बुद्धिमान श्लोक
  • ब्रह्मचर्य श्लोक
  • भक्ति श्लोक
  • भगवान श्लोक
  • मनाचे श्लोक
  • महाभारत श्लोक
  • योग श्लोक
  • रामायण श्लोक
  • विद्या श्लोक
  • श्लोक संग्रह (List)
  • स्तोत्र & मंत्र

Archives

  • September 2026
Copyright 2026 — SanskritShlok. All rights reserved. Blogsy WordPress Theme