bhagwan shlok sanskrit shlok फिर भी भगवान शंकर को भिक्षा के लिए भटकना पडता है ! सचमुच, ईश्वर की ईच्छा हि बलवान है

bhagwan shlok sanskrit shlok फिर भी भगवान शंकर को भिक्षा के लिए भटकना पडता है ! सचमुच, ईश्वर की ईच्छा हि बलवान है:

स्वयं महेशः श्वशुरो नगेशःसखा धनेश स्तनयो गणेशः ।तथापि भिक्षाटनमेव शम्भोःबलीयसी केवलमीश्वरेच्छा ॥

bhagwan shlok sanskrit shlok with meaning:

स्वयं महेश है, ससुर पर्वतश्रेष्ठ है, कुबेर जैसा धनी उनका मित्र है, और पुत्र गणों का स्वामी है । फिर भी भगवान शंकर को भिक्षा के लिए भटकना पडता है ! सचमुच, ईश्वर की ईच्छा हि बलवान है ।

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2 Responses

  1. October 28, 2020

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  2. October 29, 2020

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