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क्षान्ति तुल्यं तपो नास्ति Top Sanskrit shlok ever
गृहस्थी श्लोकश्लोक संग्रह (List)

SANSKRIT SHLOK ON PEACE

By SanskritShlok.com
25/09/2026 1 Min Read
3
SANSKRIT SHLOK ON PEACE IN HINDI
  • क्षान्ति तुल्यं तपो नास्ति सन्तोषान्न सुखं परम् ।
  • नास्ति तृष्णा समो व्याधिः न च धर्मो दयापरः ॥
  • क्षमा जैसा अन्य तप नहि, संतोष जैसा अन्य सुख नहि, तृष्णा जैसा अन्य रोग नहि, दया जैसा अन्य कोई धर्म नहि ।
  • सत्यं तीर्थं क्षमा तीर्थं तीर्थंमिन्द्रियनिग्रहः ।
  • सर्वभूतदया तीर्थं सर्वत्रार्जवमेवच ॥
  • सत्य, क्षमा, इंद्रियनिग्रह, सर्वत्र सरलता, और सब प्राणियों के लिए दया – ये तीर्थरुप है ।

Click for :चरित्र पर संस्कृत श्लोक हिंदी में

SANSKRIT SHLOK ON PEACE

  • परस्मिन् बन्धुवर्गे वा मित्रे द्वेष्ये रिपौ तथा ।
  • आत्मवद्वर्तितव्यं हि दयैषा परिकीर्तिता ॥
  • परायों के साथ, वैसे हि अपनों के साथ, मित्र, द्वेष्य (जिनका द्वेष है उनसे), और शत्रु के साथ खुद से करते हैं वैसा वर्तन करना चाहिए । इसी को दया कह्ते हैं ।
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